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विधाता नही पर बनाता हूँ घर सबका

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विधाता नहीं पर बनाता हूँ घर सबका... जताता नहीं पर है ये वतन मेरा भी हे !  हुकूमत-ए-वतन , कहाँ मेरा आशियाना??"" कितना अजीब है यह संसार जो ऊँची-ऊंची मीनारें सभ्यता और विकास की बुनियादें होती हैं,किसी राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक होती हैं,किसी इंसान के अहम की पराकाष्ठा होती हैं और किसी हुकूमत की अथाह बेमानियां होती हैं पर इन सबसे परे एक बेबसी और लाचारियों के बीच इसी संसार का प्राणी अपने बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करते-करते वक्त-बेवक्त गत हो जाता है फिर भी हमें अपनी लालसाएं और महत्वकांक्षी शाश्वतता को निर्लज्ज करते जाते हैं । सदियों से जो इतिहास रचते आये हैं,जो समर्पण देते आये हैं और जो संसार की भौतिकता बनाते आये हैं,अपनी बुनियाद हमेशा ही भूल जाते हैं और भूल जाते हैं कि यही वतन मेरा भी है,अस्तित्व मेरा भी है,हक मेरा भी है और जीना मुझे भी है ।यही सभ्यता साक्षी हैं इनके वजूद की पर ना कहलवाया कभी रचयिता हम हैं क्योंकि यह हक इनको हमने नहीं दिया,ये कैसे हो सकता है कि एक तुच्छ प्राणी इस जगत का निर्माणकर्ता है,बुलन्दियां हैं,अभिमान है,भविष्य है । #भले ही विज्ञान ने हमें ...

डॉ. भीमराव अंबेडकर के अविस्मरणीय कार्य

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डॉ0 भीमराव अम्बेडकर को लोग सिर्फ संविधान निर्माता और Sc st obc की आजादी के मसीहा के रूप में जानते है। उनके द्वारा किये गए वो अविस्मरणीय कार्य जो sc st obc के लिए नहीं अपितु प्रत्येक भारतीय के लिए थे । 1.  तीव्र विरोध के बावजूद उन्होंने महिलाओं सहित सभी को वोट का संवैधानिक अधिकार दिलवाया, ये बाबा साहब देन है। 2. महिलाओं को पुरुषों के समान वेतन दिलवाने का कार्य भारत के सभी वर्गों की महिलाओं को बाबा साहब की ही देन है । 3. महिलाओं के लिए प्रसूति अवकाश की व्यवस्था की, ये भारत की महिलाओं को बाबा साहब की देन है । 4. 12 घण्टे काम करने की अवधि को घटाकर 8 घण्टे किए, इसी कड़ी में हफ्ते में 1 दिन के जरूरी अवकाश की व्यवस्था भी भारत के सभी श्रमिकों को बाबा साहब की ही देन है । 5. ट्रेड यूनियन को सरकारी मान्यता दिलवाई ताकि वो कानूनन अपनी मांग उठा सकें, ये अधिकार बाबा साहब की देन है । 6. भारत में एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की व्यवस्था की ताकि सरकार के किसी विभाग के बंद होने पर कर्मचारियों को नौकरियों से न निकाला जाए । भारत के सभी कर्मचारियों को ये बाबा साहब की देन है । 7. कामगार वर्ग के हितों की...

World Great Man Good Thoughts

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"ईश्वर केवल शोषण का नाम है।"                        ⇉   *सुकरात*                      "ईश्वर का जन्म ही गहरी साजिश से हुआ है।"                       →  *कार्ल मार्क्स*                       "इस देश में जो नौजवान ईश्वरवादी हैं। मेरे नजर में नामर्द है।"                    → *भगत सिंह*                      "इस ब्रह्माण्ड में कोई ईश्वर नहीं है।"             → *तथागत गौतम बुद्ध*                        "पूरे विश्व में अगर कोई यह साबित कर दे, कि...ईश्वर है तो, मैं अपना सर्वस्य उसे दे दूँगा।"       ...

प्रथम सम्यक बौद्ध सम्मेलन सरदारशहर

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नमो बुद्धाय   🙏   नमो बुद्धाय   धम्म सम्मेलन और देशना का कार्यक्रम पुर्ण रूप से सफल हुआ।            जिन्होने आर्थिक रूप से , प्रचार, मनोबल बढाने , कार्यक्रम मे अन्य सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराने , समय निकालकर कार्यक्रम मे पहुंचने वालो को और संगठन के मेहनती कार्यकर्ताओ के काम करने आदि तरीके से सहयोगी साथियों का बहुत बहुत दिल की गहराई से आभार,,,,,🙏 और भारत के महान भिक्खु डॉ करुणाशील जी एवं उनके अन्य सहयोगी भिक्खुओ को बहुत बहुत धन्यवाद जिन्होने हमारे छोटे से निवेदन पर अपना समय दिया। ज॒य भीम            साधू साधू           साधू ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, नमो बुद्धाय ,,,,,,,,,,,,,,,,,  चीता सेना सरदारशहर

बाबासाहेब

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डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के अनमोल विचार –  बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में इंदौर के महू नामक स्थान में हुआ था. इनके पिता रामजी फौज में सूबेदार थे. इनकी माता का नाम भीमाबाई सकपाल था. 1907 में मैट्रिक और एल्फिन्स्टन कॉलेज से इन्होने इंटर परीक्षा पास की. 17 वर्ष की आयु में रमाबाई से इनका विवाह हो गया. सन 1936 में इन्होने ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ राजनैतिक दल का गठन किया. Ambedkar भारत के पहले कानून मंत्री थे और सविधान सभा समिति के अध्यक्ष रहे. इनकी प्रमुख रचनाएँ है- द बुद्ध एंड हिज गोस्पेल, थॉट्स ऑन पाकिस्तान, रेवोलयूश्न्स एंड काउंटर रेवोल्युशन्स इन इन्डिया. भारत सरकार ने इन्हें मरणोपरांत ”भारत रत्न” से सम्मानित किया गया. Dr. B. R. Ambedkar डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के अनमोल विचार  Quote 1: मैं एक ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाई-चारा सिखाये. B.R. Ambedkar बी.आर.अम्बेडकर  Quote 2: मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं ने जो प्रगति हांसिल की है उससे मापता हूँ. B.R. Ambedkar बी.आर.अम्बेडकर  Quote 3: हिंदू धर्म में विवेक, ...
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बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर  
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आज 14 अप्रैल 2019  का दिन बडा़ ही शानदार व उत्साहवर्धक रहा, सुबह आज के कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार कर दैवैन्द्र व सुरेन्द्र को कार्यालय प्रभार व सभी सदस्यों को फोन से सुचित करने का कार्य दिया गया, बशीधर, सुरेंद्र, विकास ने घर घर जाकर सभी को आमन्त्रित किया। उसके वाद पवन, भागीरथ, दुर्गेश  के नेतृत्व मे भवन की साज सजा की गई, जिसमे अध्यक्ष मनौज का पूर्ण नेतृत्व रहा, कोष प्रभारी का निर्देशन भी रहा बाद मे शाम 6:00 बजे कैलाश महासचिव के नेतृत्व मे शानदार रैली का आयोजन करते हुऐ नीले रंग का शमा बांधा। रैली 8:00 बजे तक पूर्ण होपाई।। उसके बाद अम्बेडकर जयंती प्रोग्राम शुरू किया जिसमे सरपंच रामकिशन पारीक, जगदीश प्रसाद, चूनाराम, बीरबल राम व बासूदेव पाण्डिया,भगवती ऐडवोकेट को मंचासिन करके, मुरारी साडेला द्वारा संचालित कियागया,। जिसमे प्रभारी अमरचन्द सांडेला, मास्टर रेखाराम, मनोज, भगवती, जयचन्द, व अन्य सदस्यो ने बाबा साहब की जीवनी व उनके विचारों पर अपना व्यकत्व दिया।। अंत मे सभी को मिठाई वितरित की गई  इस प्रकार आज का कार्यक्रमअध्यक्षीय भाषण के साथ सम्पन हुआ।।।। बाबा सा...